बुरे समय में सोच-समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है, इसीलिए बड़े निर्णय करने में जल्दबाजी न करें, धैर्य से काम लेना चाहिए

विपरीत समय में नकारात्मकता हावी हो जाती है और सोच-समझने की शक्ति कमजोर होने लगती है। ऐसी स्थिति में की गई जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है, रिश्ते खराब भी हो सकते हैं। इसीलिए बुरे समय में धैर्य से काम लेना चाहिए। इस संबंध में एक लोक कथा प्रचलित है।

कथा के अनुसार पुराने समय में एक जौहरी की मृत्यु हो गई। उसके परिवार में पत्नी और उनका एक बेटा था। जौहरी की मृत्यु के बाद उनके परिवार में पैसों की कमी आ गई। एक दिन मां ने अपने बेटे को हीरों का हार दिया और कहा कि इसे अपने चाचा की दुकान पर बेच दो, इससे जो पैसा मिलेगा, वह हमारे काम आएगा।

लड़का तुरंत ही हार लेकर अपने चाचा की दुकान पर पहुंच गया। चाचा ने हार देखा और कहा कि बेटा अभी बाजार मंदा चल रहा है, इस हार को बाद में बेचना। तुम्हें पैसों की जरूरत है तो अभी मुझसे ले लो। तुम चाहो तो मेरी दुकान पर काम भी कर सकते हो। लड़के ने चाचा की बात मान ली और अगले दिन से लड़का अपने चाचा की दुकान पर काम करने लगा।

समय के साथ वह लड़का भी हीरों की अच्छी परख करने लगा था। वह असली और नकली हीरे को तुरंत ही पहचान लेता था। एक दिन उसके चाचा ने कहा कि अभी बाजार बहुत अच्छा चल रहा है, तुम अपना हीरों का हार बेच सकते हो। लड़का अपनी मां से वह हार लेकर दुकान आ गया और चाचा को दे दिया।

लड़के से उसके चाचा ने कहा कि अब तो तुम खुद भी हीरों की परख कर लेते हो, इस हार को देखकर इसकी कीमत का अंदाजा लगा सकते हो। इसीलिए तुम खुद इस हार की परख करो। लड़के ने हार को ध्यान से देखा तो उसे मालूम हुआ कि हार में नकली हीरे लगे हैं और इसकी कोई कीमत नहीं है।

लड़के ने पूरी बात बताई तो चाचा ने कहा कि मैं तो शुरू से जानता हूं कि ये हीरे नकली हैं, लेकिन अगर मैं उस दिन तुम्हें ये बात कहता तो तुम मुझे ही गलत समझते। तुम्हें यही लगता कि मैं ये हार हड़पना चाहता हूं, इसीलिए इसे नकली बता रहा हूं। तुम्हें उस समय हीरों का कोई ज्ञान नहीं था। बुरे समय में अज्ञान की वजह से हम अक्सर दूसरों को गलत समझते हैं। उस समय मैं ये बात तुम्हें बता देता तो तुम जल्दबाजी में कोई गलत निर्णय ले सकते थे, इससे हमारे रिश्ते भी खराब हो सकते थे। इसीलिए विपरीत समय में धैर्य से काम लेना चाहिए।



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बुरे समय में सोच-समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है, इसीलिए बड़े निर्णय करने में जल्दबाजी न करें, धैर्य से काम लेना चाहिए बुरे समय में सोच-समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है, इसीलिए बड़े निर्णय करने में जल्दबाजी न करें, धैर्य से काम लेना चाहिए Reviewed by Prbnews on June 28, 2020 Rating: 5

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