उत्तर और मध्य भारत में सावन माह के 15 दिन खत्म, लेकिन 12 में से 7 ज्योतिर्लिंग में आज से शुरू हो रहा है सावन

उत्तर भारत और मध्य भारत के पंचांगों में आज सावन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। अब सावन के 15 दिन बाकी हैं। लेकिन, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में आज से ही सावन माह शुरू हो रहा है, जो कि 19 अगस्त तक रहेगा। इन क्षेत्रों में शिवजी के12 में से 7 ज्योतिर्लिंग हैं। महाराष्ट्र में घृष्णेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर ये तीन ज्योतिर्लिंग है। गुजरात में सोमनाथ और नागेश्वर ये दो ज्योतिर्लिंग है। दक्षिण भारत में एक रामेश्वरम् ज्योतिर्लिंग है। आंध्र प्रदेश में मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा ने बताया कि मध्य भारत और उत्तर भारत में पूर्णिमा को माह का अंत होता है और इसके बाद अगले दिन से नया माह शुरू होता है। इसे पूर्णिमांत कहा जाता है। जबकि, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण में अमांत माह का प्रचलन है। पूर्णिमांत और अमांत पंचांग में 15 दिनों यानी एक पक्ष का अंतर है। उज्जैन में सावन माह महाकालेश्वर की सवारी भाद्रपद मास में भी निकाली जाती है, क्योंकि यहां पुराने समय में मराठा राजाओं का शासन था और उनके पंचांग के आधार पर सावन माह की सवारी भादौ मास के एक पक्ष में भी निकाली जाने लगी।

सावन माह में उज्जैन के महाकालेश्वर की सवारी निकाली जाती है। महाराष्ट्र के पंचांग की वजह से सवारी भाद्रपद मास के एक पक्ष में भी निकलती है।

पंचांगों में रहता है 15 तिथियों का अंतर

अहमदाबाद के ज्योतिषाचार्य पं. सूरज हजारी प्रसाद मिश्रा ने बताया कि गुजरातमें अमावस्या पर माह खत्म होता है और इसके बाद आने वाली प्रतिपदा तिथि से नया महीना शुरू होता है। इसे अमांत कहा जाता है। उत्तर भारत और गुजरात के पंचांगों में 15 तिथियों का अंतर रहता है। इसी कारण जहां उत्तर भारत का पंचांग चलता है, वहां भाद्रपद मास में जन्माष्टमी मनाई जाती है, जबकि हमारे क्षेत्र में सावन माह में ही ये पर्व आता है।

ये फोटो भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का है। महाराष्ट्र में कोरोनो महामारी काफी तेजी से फैल रही है। इस वजह यहां के ज्योतिर्लिंगों में दर्शन व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है।

चंद्र मास और सूर्य मास की वजह से है पंचांग भेद

औरंगाबाद के ज्योतिषाचार्य पं. अनंत पांडव गुरुजी ने बताया कि महाराष्ट्र में अमांत पंचांग प्रचलित है। यहां अमावस्या पर माह खत्म होता है। इसी वजह से महाराष्ट्र में भी अमावस्या के बाद प्रतिपदा तिथि यानी 21 जुलाई से ही सावन माह शुरू होगा। उत्तर भारत और मध्य भारत में चंद्र मास माना जाता है, जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में सूर्य मास मान्य है। यहां सूर्यदेव को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी वजह से इन क्षेत्रों में विवाह जैसे मांगलिक कर्म भी सूर्य की उपस्थिति में दिन में ही किए जाते हैं। जबकि, उत्तर भारत और मध्य भारत में चंद्र मास होने की वजह से विवाद आदि शुभ काम रात में होते हैं।

पंचांग भेद, लेकिन सभी त्योहारों के दिन एक समान

उत्तर भारत और दक्षिण भारत के पंचांग अलग-अलग हैं, लेकिन पूरे सभी त्योहारों की तारीखें एक समान रहती हैं। अगले एक माह में 3 अगस्त को रक्षाबंधन और 12 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के पंचांग में सावन माह में जन्माष्टमी आती है, जबकि उत्तर भारत के पंचांगों में भाद्रपद मास में ये त्योहार आता है।

कोरोनावायरस की वजह से ऑन लाइन दर्शन को प्राथमिकता

गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर समिति के अनुसार गुजरात में 21 जुलाई से सावन माह शुरू होगा। महाराष्ट्र के भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग कीवेबसाइट के मुताबिक इस मंदिर में भी 21 जुलाई से सावन माह मनाया जाएगा। अभी कोरोनावायरस तेजी से फैल रहा है। ऐसी स्थिति महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंगों में दर्शन के लिए प्रवेश वर्जित है। जबकि सोमनाथ मंदिर में दर्शन व्यवस्था चालू है। इसके लिए मंदिर की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यहां भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाइजेशन का ध्यान रखना होगा। आंध्र प्रदेश में मल्लिकार्जुन मंदिर में दर्शनार्थियों का प्रवेश वर्जित है। अभी कोरोना से बचाव के लिए ऑन दर्शन को प्राथमिकता दें।



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गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर समिति के अनुसार गुजरात में 21 जुलाई से सावन माह शुरू होगा। - फाइल फोटो


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उत्तर और मध्य भारत में सावन माह के 15 दिन खत्म, लेकिन 12 में से 7 ज्योतिर्लिंग में आज से शुरू हो रहा है सावन उत्तर और मध्य भारत में सावन माह के 15 दिन खत्म, लेकिन 12 में से 7 ज्योतिर्लिंग में आज से शुरू हो रहा है सावन Reviewed by Prbnews on July 20, 2020 Rating: 5

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