जब फूल खिलता है तो मधुमक्खियां बिना बुलाए आ जाती हैं, ठीक इसी तरह जब व्यक्ति प्रसिद्ध होता है तो उसके आसपास भी बहुत से लोग आ जाते हैं
रामकृष्ण परमहंस स्वामी विवेकानंद के गुरु थे। इन्हें भारत के सबसे महान संतों में से एक माना जाता है। परमहंसजी का बचपन से ही विश्वास था कि ईश्वर के दर्शन हो सकते है। इसीलिए उन्होंने जीवनभर तप किया। वे काली माता के परम भक्त थे। माना जाता है कि उन्हें देवी कालिका के दर्शन प्राप्त हुए थे।
परमहंसजी का जन्म 1836 में हुआ था और मृत्यु 1886 में हुई। स्वामी विवेकानंद ने गुरु रामकृष्ण परमहंस के नाम पर रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी। परमहंसजी अपने शिष्यों और भक्तों को छोटी-छोटी कहानियों के माध्यम से उपदेश देते थे।
जानिए परमहंसजी के कुछ खास अनमोल विचार...






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जब फूल खिलता है तो मधुमक्खियां बिना बुलाए आ जाती हैं, ठीक इसी तरह जब व्यक्ति प्रसिद्ध होता है तो उसके आसपास भी बहुत से लोग आ जाते हैं
Reviewed by Prbnews
on
August 29, 2020
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