प्रेम को समझने के लिए शब्दों या सूरत की जरूरत नहीं है, सच्चे प्रेम को सिर्फ आंखों के भावों से भी पहचाना जा सकता है

महाभारत में एक प्रेम कथा आती है। ये कहानी है राजा नल और उनकी पत्नी दमयंती की। ये कथा हमें बताती है कि प्रेम को किसी शब्द और भाषा की आवश्यकता नहीं है। प्रेम को केवल नजरों की भाषा से भी पढ़ा जा सकता है।

महाभारत में राजा नल और दमयंती की कहानी कुछ इस तरह है। नल निषध राज्य का राजा था। वहीं विदर्भ राज भीमक की बेटी थी दमयंती। जो लोग इन दोनों राज्यों की यात्रा करते वे नल के सामने दमयंती के रूप और गुणों की प्रशंसा करते और दमयंती के सामने राजा नल की वीरता और सुंदरता का वर्णन करते। दोनों ही एक-दूसरे को बिना देखे, बिना मिले ही प्रेम करने लगे। एक दिन राजा नल को दमयंती का पत्र मिला। दमयंती ने उन्हें अपने स्वयंवर में आने का निमंत्रण दिया। यह भी संदेश दिया कि वो नल को ही वरेंगी।

सारे देवता भी दमयंती के रूप सौंदर्य से प्रभावित थे। जब नल विदर्भ राज्य के लिए जा रहे थे तो सारे देवताओं ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। देवताओं ने नल को तरह-तरह के प्रलोभन दिए और स्वयंवर में ना जाने का अनुरोध किया ताकि वे दमयंती से विवाह कर सकें। नल नहीं माने। सारे देवताओं ने एक उपाय किया, सभी नल का रूप बनाकर विदर्भ पहुंच गए। स्वयंवर में नल जैसे कई चेहरे दिखने लगे। दमयंती ने भी हैरान थी। असली नल को कैसे पहचाने। वो वरमाला लेकर आगे बढ़ी, उसने सिर्फ स्वयंवर में आए सभी नलों की आंखों में झांकना शुरू किया।

असली नल की आंखों में अपने लिए प्रेम के भाव पहचान लिए। देवताओं ने नल का रूप तो बना लिया था लेकिन दमयंती के लिए जैसा प्रेम नल की आंखों में था वैसा भाव किसी के पास नहीं था। दमयंती ने असली नल को वरमाला पहना दी। सारे देवताओं ने भी उनके इस प्रेम की प्रशंसा की। कथा समझाती है कि चेहरे और भाषा से कुछ नहीं होता। अगर प्रेम सच्चा है तो वो आंखों से ही झलक जाएगा। उसे प्रदर्शित करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। प्रेम की भाषा मौन में ज्यादा तेज होती है।



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There is no need of words or appearance to understand love, true love can be recognized only by the expressions of the eyes.


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प्रेम को समझने के लिए शब्दों या सूरत की जरूरत नहीं है, सच्चे प्रेम को सिर्फ आंखों के भावों से भी पहचाना जा सकता है प्रेम को समझने के लिए शब्दों या सूरत की जरूरत नहीं है, सच्चे प्रेम को सिर्फ आंखों के भावों से भी पहचाना जा सकता है Reviewed by Prbnews on September 26, 2020 Rating: 5

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