हमारे मन में भक्ति या अहंकार दोनों में से कोई एक ही रह सकता है, भक्ति करना चाहते हैं तो अहंकार से बचें

जीवन प्रबंधन से जुड़े दोहों के लिए प्रसिद्ध रहीम का जन्म करीब 1556 में हुआ था। इनकी मृत्यु करीब 1627 में हुई थी। इन्होंने अपने दोहों में उदाहरण के लिए महाभारत, रामायण के प्रसंगों का भी उल्लेख किया था। रहीम का पूरा नाम अब्दुल रहीम खान-ए-खाना था। वे मुगल बादशाह अकबर के करीबियों में रहीम भी शामिल थे। हुमायुं की मृत्यु के बाद बैरमखां ने मुगल सल्तनत और अकबर का ध्यान रखा। बैरमखां की मृत्यु के बाद उसकी बेगम सुल्ताना और पुत्र रहीम का ध्यान अकबर ने रखा था। जानिए रहीम के कुछ खास दोहे...



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
rahim ke dohe, rahim ke dohe with meaning, cuplets of rahim, rahim ke dohe in hindi, motivational cuplets of rahim


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3nZXSrA
via IFTTT
हमारे मन में भक्ति या अहंकार दोनों में से कोई एक ही रह सकता है, भक्ति करना चाहते हैं तो अहंकार से बचें हमारे मन में भक्ति या अहंकार दोनों में से कोई एक ही रह सकता है, भक्ति करना चाहते हैं तो अहंकार से बचें Reviewed by Prbnews on November 26, 2020 Rating: 5

No comments:

As Ukraine Makes Inroads in Bakhmut, Devastation Still Reigns

The fight for Bakhmut is now the war’s single longest and bloodiest battle. Although the Ukrainians are making small gains, Russia still con...

Stay Connected

Powered by Blogger.